ऐसा है मेरा सावरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साया बनकर हर पल मेरे साथ चलता है,

माँ बाबुल के जैसे मेरा ध्यान रखता है....-2

मेरी आँख का हर एक आँसू, अपने हाथ से पोछे,

मेरे कल की मुझसे ज्यादा साँवरा ही सोचे,

ऐसा है मेरा साँवरिया... ऐसा है मेरा साँवरिया...।।

बिन बोले हर कारज अपने आप करता है,

मेरे दोष भुलाकर हर दम माफ करता है...-2

जब भी मुझको पड़ी जरूरत,एक पल नही गवाया,

"सोनू"मन की पीड़ समझी छोड़ सिहासन आया,

ऐसा है मेरा साँवरिया... ऐसा है मेरा साँवरिया।।

छोड़ के चिंता अपने मन मे ये विश्वास जगा,

तेरा जीवन तुझसे बेहतर श्याम संभालेगा,

इसके हवाले कर के कह दे तेरा काम तू जाने,

आया है आता रहेगा तेरी लाज बचाने,

ऐसा है मेरा साँवरिया... ऐसा है मेरा साँवरिया।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।