तेरा संकट सारा हर लेंगे

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

तेरा संकट सारा हर लेंगे,

तू नाम हरि का जपले,

तेरा संकट सारा हर लेंगे,

तू नाम हरि का जपले,

तू नाम हरि का जपले,

तू नाम प्रभु का जपले,

तू नाम हरि का जपले,

तू नाम प्रभु का जपले......

नाम बड़ा अनमोल हरि का,

नाम बड़ा अनमोल हरि का...-2

मालामाल......

ओ मालामाल तुझे भी कर देंगे,

तू नाम हरि का जपले

तेरा संकट सारा हर लेंगे

तू नाम हरि का जपले.....

लाखों को भव से पार उतारा,

लाखों को भव से पार उतारा....-2

तुझको भी, तुझको भी,

तुझको भी भव पार करे,

तू नाम हरि का जपले

तेरा संकट सारा हर लेंगे

तू नाम हरि का जपले.....

एक बार बस ध्यान लगा ले,

एक बार बस ध्यान लगा ले....-2

खुद आकर, हाँ खुद आकर,

खुद आकर हाथ पकड़ लेंगे,

तू नाम हरि का जपले

तेरा संकट सारा हर लेंगे

तू नाम हरि का जपले.....

क्यों तू भटक रहा है प्राणी,

क्यों तू भटक रहा है प्राणी....-2

तुझे अपनी, तुझे अपनी,

तुझे अपनी शरण में रख लेंगे,

तू नाम हरि का जपले

तेरा संकट सारा हर लेंगे

तू नाम हरि का जपले.....

तेरा संकट सारा हर लेगे

तू नाम हरि का जपले

तेरा संकट सारा हर लेंगे

तू नाम हरि का जपले.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।