मस्त मलन्ग शिव भोलेया

मास्टर सलीम
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मस्त मलन्ग शिव भोलेया,

मस्ती दा रन्ग तू चढाई जा।।

नशा नाम दा पिया दे,

सानू मस्त बना दे।।

अज मस्ती डमरू

वजाई जा।।

मस्त मलन्ग शिव भोलेया.....

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गल विच नाग हथ भंग दा पेयाला ए,

कना विच मुंन्द्रां दा रोब ही निराला ए।।

मथे चन्द तू सजाया, महादेव तू कहाया,

सारी दुनिया दा बेड्डा बने लाई जा,

मस्त मलन्ग शिव भोलेया,

मस्ती दा रन्ग तू चढाई जा......

सोह्निया जटावां विच गंगा जी दा वास ए,

बैल ते सवारी सोह्नी लगे तेरी खास ए।।

तैनू पुज्दा जहान, रखे भगतां दा मान,

अज रहमतां दा मीह वरसाई जा,

मस्त मलन्ग शिव भोलेया,

मस्ती दा रन्ग तू चढाई जा.....

हण्डा ब्रहण्डा दा ए मालक महेश तू,,

राजू हरिपुरिये दे कट ते कलेश तू ।।

तेरा नाम तियौंदा ए सलीम गुण गाउँदा,

ऐनु चरणा च अपने बिठाई जा,

मस्त मलन्ग शिव भोलेया,

मस्ती दा रन्ग तू चढाई जा.....

नशा नाम दा पिया दे,

सानू मस्त बना दे।।

अज मस्ती डमरू

वजाई जा।।

मस्त मलन्ग शिव भोलेया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।