हरियालो महीनों नाँचे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम सुरंगो सावण आयो,

रिमझिम पड़े फुंहार,

सतरंगी झूला पे सजावां,

खूब करां मनुहार,

हरियालो महीनों,

नाँचे यो मन मोर,

मिलने ख़ातिर देखो,

साँवरियो खींचे डोर,

मिलने ख़ातिर देखो,

साँवरियो खींचे डोर,

हरियालो महीनों।

हरियाली छाई बाबा,

हिवड़ो लूभावै,

परचम तेरो बाबा,

आकाशां लहरावै,

झरमर झरमर बरसे,

पुरवाई झकझोर,

मिलने ख़ातिर देखो,

साँवरियो खींचे डोर,

हरियालो महीनों....

सुध बुध मेरी,

मेरो बाबो ही राखे,

घर में ख़ुशी की जाणे,

बाँसुरिया बाजे,

चेतो डगमग डोले,

दिखे यो चितचोर,

मिलने ख़ातिर देखो,

साँवरियो खींचे डोर,

हरियालो महीनों...

जनम जनम री लागे,

प्रीत पुराणी,

तेरो नाम मीठो घणों,

जियां गुड़ धाणी,

लहरी ओळ्यू आवे,

हिवड़े उठे हिलोर,

मिलने ख़ातिर देखो,

साँवरियो खींचे डोर,

हरियालो महीनों,

नाँचे यो मन मोर,

मिलने ख़ातिर देखो,

साँवरियो खींचे डोर,

मिलने ख़ातिर देखो,

साँवरियो खींचे डोर.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।