मेरे दर्द की कहानी मेरे सांवरे से पूछो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे दर्द की कहानी, मेरे सांवरे से पूछो,

होगी जान के हैरानी मेरे सांवरे से पूछो,

मेरे दर्द की कहानी, मेरे सांवरे से पूछो....-2

थामी कलाई मेरी फिर गिरने ना दिया है,

था माला सा मैं टूटा खुद तार पो दिया है...-2

उस हार की कहानी जिसने नहीं है जानी,

मेरे सांवरे से पूछो,

मेरे दर्द की कहानी, मेरे सांवरे से पूछो।

ऊँगली पकड़ के मेरी मुझे चलना है सिखाया,

था रास्ता भी मुश्किल फिर भी नहीं झुकाया...-2

उन राहों की कहानी जिसने नहीं है जानी,

मेरे सांवरे से पूछो,

मेरे दर्द की कहानी, मेरे सांवरे से पूछो।

विक्की नहीं था काबिल फिर भी गले लगाया,

फर्श से उठा के कान्हा फिर अर्श पे बिठाया...-2

उस दूरी की कहानी जिसने नहीं है जानी,

मेरे सांवरे से पूछो,

मेरे दर्द की कहानी, मेरे सांवरे से पूछो।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।