आई सावन की रुत लागे न्यारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आई सावन की रुत,

लागे न्यारी,

झूला झूलन चलो,

राधा प्यारी...-2

चलकर बागन में,

देखेंगे हिंडोला,

देख कर जा को,

निर्मल हो चौला,

दौड़ी आई हैं,

सखियाँ सारी,

झूला झूलन चलो,

राधा प्यारी....

आई सावन की रुत,

लागे न्यारी,

झूला झूलन चलो,

राधा प्यारी।

वहीँ बागन में पावे कन्हैया,

बंसी बाजे, कदम की छैयां,

ऊँची डाली पे बैठे मुरारी,

झूला झूलन चलो,

राधा प्यारी...

आई सावन की रुत,

लागे न्यारी,

झूला झूलन चलो,

राधा प्यारी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।