सिया धीरे चलो ससुराल गलियाँ

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सिया धीरे चलो ससुराल गलियाँ

ससुराल गलियाँ सुकुमार गलियाँ....-2

सिया धीरे चलो…..

तेरी सास भी आवे तोपे वारी-वारी जावे,

तेरे ससुर तो वारे सोने की गिन्नियाँ...-2

सिया धीरे चलो……

देवर लखन जी आए अपनी गोद बैठाए,

सगुन दे दे भवजिया अपनी गोद बिठाई...-2

सिया धीरे चलो……

अयोध्या वासी भी आए और मंगल गाए,

मैया दे दे बधाई हम तेरे अंगना आए...-2

सिया धीरे चलो……

सीता राम जी की जोड़ी कैसी अजब बनाई,

चरत भरत सारे भाई मिल आए...-2

सिया धीरे चलो…..

देवी और देवता फूल बरसाए,

देख अयोध्या का नजारा देव सब हरषाए...-2

सिया धीरे चलो ससुराल गलियाँ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।