मैया का चोला है रंगला

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लाली मेरी मात की जित देखु तीत लाल,

लाली देखन मै गया मै भी हो गया लाल।

मैया का चोला है रंगला,

शेरोवाली का चोला है रंगला,

मेहरोवाली का चोला है रंगला,

जोतावाली का चोला है रंगला,

अम्बे रानी का चोला है रंगला,

माँ वैष्णो का चोला है रंगला,

हो भवन मैया का लाल

चोला है रंगला रंगला रंगला रंगला.....

मैया का चोला है रंगला......

सुआ चोला अंग बिराजे,

सुआ चोला अंग बिराजे,

सुआ सुआ चोला अंग बिराजे,

लगी किनारी लाल चोला है रंगला रंगला रंगला.....

मैया का चोला है रंगला....

सिर सोने का छत्र बिराजे,

सिर सोने का छत्र बिराजे,

हीरे अपरम्पार चोला है रंगला रंगला रंगला.....

मैया का चोला है रंगला.....

अश्विन चैत महीना आवे,

अश्विन चैत महीना आवे,

चले पवन की चाल चोला है रंगला रंगला रंगला....

मैया का चोला है रंगला....

पान सुपारी ध्वजा नारियल,

पान सुपारी ध्वजा नारियल,

माँ की भेंट चढ़ा चोला है रंगला रंगला रंगला....

मैया का चोला है रंगला....

शेरोवाली माता मेरी,

हो शेरोवाली माता मेरी,

मेहरोवाली माता मेरी,

मेहरोवाली माता मेरी,

सबको करे निहाल चोला है रंगला रंगला रंगला.....

मैया का चोला है रंगला....

मैया का चोला है रंगला,

शेरोवाली का चोला है रंगला,

मेहरोवाली का चोला है रंगला,

जोतावाली का चोला है रंगला,

अम्बे रानी का चोला है रंगला,

माँ वैष्णो का चोला है रंगला,

हो भवन मैया का लाल...

चोला है रंगला रंगला रंगला रंगला......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।