रो रो पुकारे तुमको कन्हैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रो रो पुकारे तुमको कन्हैया,

तुम्हारी धरा पर कटती है गईयां।

देती हूं मैं जब दूध की धारा,

गऊ माता कहता है संसार सारा,

होती हूं बूढ़ी तो रहती ना मैया,

बेचता इंसा मुझको कसईयां,

रो रो पुकारे......

बांध के मुझको उल्टा झुलाते,

खौलते पानी से फिर नहलाते,

चलती है मेरे गले पे कटरिया,

आओ बचाओ मुरली धरईया,

रो रो पुकारे......

तुम गोकुल के जंगल में हमको चराते,

अपने ही हाथों से हमको सहलाते,

आज पुकारे तुमको वो मैया,

आकार बचाओ वंश कन्हैया,

रो रो पुकारे तुमको कन्हैया,

तुम्हारी धरा पर कटती है गईयां।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।