एक बार जो रघुबर की

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

एक बार जो रघुबर की,

नजरो का इशारा हो जाये...-2

तेरी लगन में खो जाऊँ मैं,

दुनिया से किनारा हो जाये।।

एक बार जो रघुबर की.....

श्री राम तुम्हारे चरणों में,

आशीष सभी को मिलती है...-2

यह धूल तुम्हारी मिल जाये,

जीवन का सहारा हो जाये।

एक बार जो रघुबर की.....

सरकार तुम्हारी महफ़िल में,

तकदीर बनाई जाती है....-2

मेरी भी बिगड़ी बन जाये,

एहसान तुम्हारा हो जाये।

एक बार जो रघुबर की.....

ये श्री राम का मंदिर है,

भागीरथी गंगा बहती है....-2

सब लोग यहाँ पे तरते है,

भव पार सभी का हो जाये।

एक बार जो रघुबर की,

नजरो का इशारा हो जाये....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।