राधे राजी बोल जा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राजी बोल जा किशोरी, प्यारी राधे

मैं आया राजी बोल जा.....

बरसाने की छोरी, तू प्यारी राधे

में आया राजी बोल जा

राजी बोल जा किशोरी , प्यारी राधे……...2

तेरे लिए में आया, अपना घर छोड़ के,

कहे वृषभान दुलारी, बैठी मुँह मोड़ के -2

नही जोरा जोरी नही जोरा जोरी तू प्यारी राधे

मैं आया राजी बोल जा

राजी बोल जा किशोरी, प्यारी राधे…….

मत रुठे मान श्यामा, ये मेरी कामना,

तेरे बिना तो मेरा , पूरा हो नाम ना -2

मैं काला तू गोरी मैं काला तू गोरी तू प्यारी राधे

में आया राजी बोल जा

राजी बोल जा किशोरी, प्यारी राधे……..

जब तेरी मीठी बोली, पड़ती है कान में,

मन मेरा खो जाता है, तेरी लय तान में -2

मीठे गन्ने की पोरी मीठे गन्ने की पोरी तू प्यारी राधे

मैं आया राजी बोल जा

राजी बोल जा किशोरी, प्यारी राधे……..

दोनों की प्रीत पुरानी, यह सच्ची बात है,

भजनों में गाये भूलन , त्यागी दिन-रात है -2

तू है मन की भोरी तू है मन की भोरी तू प्यारी राधे

मैं आया राजी बोल जा

राजी बोल जा किशोरी, प्यारी राधे……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।