जग घूमेया श्याम जैसा ना कोई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना ये कजरारे नैन कही,

ना ये मतवारे बेन कही,

नही रूप ये सजीला कही,

नही ऐसा है रंगीला कही,

जग घूमेया श्याम जैसा ना कोई,

जग घूमेया श्याम जैसा ना कोई।

ना ये कजरारे नैन कही,

ना मतवारे बेन कही,

नही रूप ये सजीला कही,

नही ऐसा है रंगीला कही।

सांवरे तेरा क्या है कहना,

जग घूमेया श्याम जैसा ना कोई........

चंदा भी लजाये ऐसा प्यारा प्यारा लागे तू,

हम भी फिदा है ऐसा दिलदारा लागे तू...-2

श्याम तेरी याद में हो ओ....

श्याम तेरी याद में ही,

जीना है मरना है,

संग संग रहना मेरे इतना ही कहना है,

ना ये मुखड़ा नूरानी कही,

ना ये छवि है सुहानी कही,

ना ये मुखड़ा नूरानी कही,

ना ये छवि है सुहानी कही,

सांवरे तेरा क्या है कहना,

जग घूमेया श्याम जैसा ना कोई....

सावरी सुरतिया तेरी चैन को चुरावे रे,

बलिहारी ‘राम’ तुझपे तुझको रिझावे रे...-2

श्याम तेरी याद में हो......

श्याम तेरी याद में ही,

जीना है मरना है,

संग संग रहना मेरे इतना ही कहना है,

नही ऐसा वरदानी कही,

तू देखले ‘चौखानी’ कही,

नही ऐसा वरदानी कही,

तू देखले ‘चौखानी’ कही,

सांवरे तेरा क्या है कहना,

जग घूमेया श्याम जैसा ना कोई.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।