ब्रिज की गली-गली में शोर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ब्रिज की गली-गली में शोर, आयो-आयो माखन चोर,

आयो-आयो री आयो री आयो माखन चोर....

मथुरा से इक चोर है आया, चोर जेल से भाग कर आया,

मामाजी से चोरी आया, सांकल कुंडे तोडकर आया,

आधी रात मथुरा में काटी, गोकुल में मच गया शोर

ब्रिज की गली-गली में शोर………

चोर भी कारो रैन भी कारी, धन्य-धन्य मेरे कृष्ण मुरारी,

तेरी लीला अजब कन्हाई, बाबा को चोरी सिखलाई

चोरो के सिर में मोर,

ब्रिज की गली-गली में शोर………

3वासुदेव ने कदम बढाया, यमुना ने है फ़न फ़ैलाया,

पैर को छू के नीचे आई, धन-धन हो गई यमुना माई

जाओ कान्हा जी जाओ यशोदा मां के पास,

ब्रिज की गली-गली में शोर……

यशोदा मां ने गले से लगाया, बदले में उसके लडकी ले आए,

सोए पडे है पहरेदार, जाओ बाबा अपने द्वार

जाओ बाबा जी जाओ देवकी मां के पास,

ब्रिज की गली-गली में शोर………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।