राधा रो रो के कहने लगी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा रो रो के कहने लगी है,

धारा आंसू की बहने लगी है.....

आस मोहन की दिल में लगी है,

दर्द राधा ये सहने लगी है.....

वादा परसो का करके गए थे,

दिन परसो के बरसो भए है,

आग दिल में ये कैसी लगी है,

धारा आंसू की बहने लगी है,

राधा रो रो के कहनें लगी है,

धारा आंसू की बहने लगी है......

कैसा वादा श्याम तुमने कीन्हा,

मेरा सबकुछ श्याम तुमने छीना,

आई कैसी सितम की घड़ी है,

धारा आंसू की बहने लगी है,

राधा रो रो के कहनें लगी है,

धारा आंसू की बहने लगी है.....

‘सूरज’ रो रो के तुमको पुकारे,

कहाँ जा कर छुपे प्राण प्यारे,

‘सरगम’ बाट निहारे खड़ी है,

धारा आंसू की बहने लगी है,

राधा रो रो के कहनें लगी है,

धारा आंसू की बहने लगी है......

आस मोहन की दिल में लगी है,

दर्द राधा ये सहने लगी है,

राधा रो रो के कहनें लगी है,

धारा आंसू की बहने लगी है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।