तेरी कृपा की छाई है छाया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय हो जय हो महाँकाल राजा,

तेरी कृपा की छाई है छाया....-2

हर तरफ तू ही तू है समाया ,

धन्य तेरी है तेरी ही माया ,

जय हो जय हो महाकाल राजा।।

तुमने देवो को अमृत दिया है ,

आपने खुद ही विष को पिया है....-2

देवताओं का मान बडाया,

सागरमंथन के विष से बचाया ।।

जय हो जय हो महाकाल राजा.....

वरदानी हो भोले कैलाशी,

डमरू वाले है काशी के वासी...-2

गले सर्पो का हार सजाया ,

सर भभुति का टीका लगाया ।।

जय हो जय हो महाकाल राजा.....

भोले जिसने भी तुमको पुकारा,

तुमने उनको दिया है सहारा....-2

सारे भगतो का कष्ट मिटाया,

तेरे चरणो में शिवाजी आया ।।

जय हो जय हो महाकाल राजा.....

तेरी कृपा की छाई है छाया,

हर तरफ तू ही तू है समाया ,

धन्य तेरी है तेरी ही माया ,

जय हो जय हो महाकाल राजा।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।