शबरी रो रो तुम्हे पुकारे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

शबरी तुम्हरी बाट निहारे,

वो तो रामा रामा पुकारे,

कब आओगे मेरे राम,

दर्श दिखाओ मेरे राम,

शबरी रो रो तुम्हे पुकारे,

वो तो तुम्हरी बाट निहारे,

जल्दी आ जाओ मेरे राम,

दर्श दिखा जाओ मेरे राम।।

मैंने छोटी सी कुटिया को,

पलकों से है बुहारा,

सांझ सवेरे मेरे राम जी,

तुम्हरा रस्ता निहारा,

राहो में तेरी फूल बिछाए,

बैठी कबसे आस लगाए,

तुम कब आओगे मेरे राम,

दर्श दिखा जाओ मेरे राम।।

शबरी रो रो तुम्हे पुकारे.......

मैंने सुना तुम्हरे चरणों ने,

पत्थर नारी बनाई,

वही चरण मेरी कुटिया में,

आन धरो रघुराई,

केवट और निषाद है तारे,

भवसागर से पार उतारे,

वैसे मुझको तारो राम,

दर्श दिखा जाओ मेरे राम।।

शबरी रो रो तुम्हे पुकारे.....

मेरे गुरु ने मुझे बताया,

भाग मेरे जागेंगे,

एक दिन राम मेरी कुटिया में,

दर्श दिखा जाएंगे,

गुरुवर का ये वचन ना टूटे,

रामा मेरी आस ना छूटे,

ढल ना जाए जीवन शाम,

दर्श दिखा जाओ मेरे राम।।

शबरी रो रो तुम्हे पुकारे......

शबरी को भवसागर तारा,

राम कुटी में आए,

शबरी के झूठे बेरो का,

राम जी भोग लगाए,

राम की चरण धूलि को उठाया,

चंदन समझ के तिलक लगाया,

पूर्ण हुआ दिल का अरमान,

शबरी पाई दर्श अभिराम,

दर्श दिखा जाओ मेरे राम।।

शबरी के ये भाग्य सवारे,

दर्शन दे भव पार उतारे,

पूर्ण हुए शबरी के काम,

शबरी पायी दर्श अभिराम।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।