बंसी वाले तेरा दरबार रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो सींचूगी सुबह और श्याम रे

बंसी वाले तेरा दरबार रे......-2

मैं गंगा जल भर लाई हूँ...–3

बंसी वाले को नहलाने आई हूँ

मैं तो सींचूगी सुबह और श्याम रे......

घिस-घिस चंदन भरी कटोरी....–3

मुरली वाले को तिलक लगाउंगी

मैं तो सींचूगी सुबह और श्याम रे......

मैं चुन-चुन कलियाँ लाई हूँ....–3

बंसी वाले को सजाने आई हूँ

मैं तो सींचूगी सुबह और श्याम रे......

पीला पीतांबर, टसर की धोती....-3

बंसी वाले को पहनाने आई हूँ

मैं तो सींचूगी सुबह और श्याम रे......

छप्पन भोग छत्तीसों व्यंजन...-3

मैं भोग लगाने आई हूँ

मैं तो सींचूगी सुबह और श्याम रे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।