दर पे मनाऊंगा जन्मदिन

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा,

दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा

ज्योत जगा के महारानी का दर्शन पाऊंगा,

ज्योत जगा के महारानी का दर्शन पाऊंगा

दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा......

शेरोंवाली मैयारानी सबके काज सवारे

सब भगतो को मैया रानी भव से पार उतारे....-2

अपने दिल का सारा हाल माँ को बताऊंगा

दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा...

माँ के नाम की ज्योत मैं भगतो सच्चे मन से जगाउँगा

लाल रंग की चुनरी मैयारानी को ओढ़ाउंगा...-2

लाल रंग का चूड़ा मैं तो मैया को पहनाऊँगा

दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा....

खुशियां का ये दिन है आया माँ को भेंटे सुनाऊंगा

अपना जन्मदिन शेरोंवाली माँ के नाम लिखवाऊंगा....-2

हलवा पुरी और चने का माँ को भोग लगाऊंगा

दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा....

ऐसी भक्ति दे दो मैया मुझको शाम सवेरे

खुशियों से दामन को भर दो मिट जाए घोर अंधेरे...-2

चढ़ जाए तेरे नाम की मस्ती तेरे ही गुण गाऊंगा

दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा

ज्योत जगा के महारानी का दर्शन पाऊंगा

ज्योत जगा के महारानी का दर्शन पाऊंगा

दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।