कालों के काल की जय हो महाकाल की

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कालो के काल की जय हो महाकाल की,

गौरा के प्राणनाथ दिन के दयाल की...-2

कालो के काल की......….

देवों के देव मेरे जय हो महादेव की,

तीनो देव त्रिगुणपति जय हो त्रिदेव की,

उज्जैन के राजा मेरे जय हो महाकाल की....-2

कालो के काल की...........

रामेश्वर महादेव जय हो रामेश की,

विश्वेश्वर उमापति जय हो उमेश की ,

भाव सहित भक्ति करूं कालो के काल की...-2

कालो के काल की............

संग मां हरसिद्धि बैठी मैया गणेश की,

दर्शन से इनकी पाएं भक्ति महेश की,

जय हो बाबा काल भैरव काली के लाल की...-2

कालो के काल की............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।