जादू भरी तेरी आँखे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई,

नैनो की कटारी वारी वारि,

छुई छुई छतियन से उतर गई,

जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।

प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,

बरस परी मोती सी बिखर गई -2

जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।

नैनो की कटारी वारी वारि,

छुई छुई छतियन से उतर गई,

जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।

अब पल पलक टरत नही टारे,

छीन छोरत जनु जान निकर गई -2

जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।

नैनो की कटारी वारी वारि,

छुई छुई छतियन से उतर गई,

जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।

नैनो की कटारी वारि वारि पलकन मारी,

जादू की पिटारी दृग छुई मुई कर गई -2

जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।

नैनो की कटारी वारी वारि,

छुई छुई छतियन से उतर गई,

जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।