श्याम तेरा शुक्रिया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा शुक्रिया है………..2

मेरे अंगना में आए.... मेरे श्यामा....

दुनिया ने मुझको कभी नहीं जाना,

आपने मुझको है पहचाना...-2

मेरे श्याम मुझ पर....अहसां तुम्हारा,

मेरे अंगना में…………

तेरे दर पर आके श्याम शीश मैं नवाउँ,

शीश को नवाउँ श्याम झोली मैं फैलाउँ...-2

दो फूल श्रद्धा के....डालो मेरे श्याम

मेरे अंगना में…………

तन-मन की मिट्टी से आसन बनाउँ,

हृदय की कलियों से उसको सजाउँ...-2

अपनी चरण धूली से... कुटिया रंग दो

मेरे अंगना में……..

आपने आके प्रभु मुझको संभाला,

मंझधार में थी नैया दे दिया सहारा...-2

मेरे श्याम तुम पर...बली-बली जाउँ

मेरे अंगना में आए.... मेरे श्यामा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।