महादेव तेरा शुक्रिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महादेव मेरे कैसे करूं तेरा शुक्रिया

तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया,

भोलेनाथ मेरे कैसे करूं तेरा शुक्रिया

तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया

जलाधार से प्रसाद से हाथ जोड़े भाव से

करूं मैं तेरा शुक्रिया,

तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया,

महादेव मेरे कैसे करूं तेरा शुक्रिया

तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया

तुम ही साधक की साधना, तुम ही सागर तुम साहिल हो -2

तुम हो बसते हर एक कण में तुम ही शाश्वत तुम क्षणिक हो

तुमसे मिलकर इतना जाना जो हाथ तुमको थमा दिया

फिर डर नहीं किसी बात का महादेव ने गले ला लिया

महादेव मेरे कैसे करूं तेरा शुक्रिया

तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया,

शंभूनाथ मेरे कैसे करूं तेरा शुक्रिया

तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया

गलती मेरी थी याद तुमको करता था बस दुख घड़ी में

हारा मन जब बेसहारा बनके आया तेरे दर पर

तुमसे था लिपटा कर रोया तुमने ही तो सर सहलाया

और सुनके मेरी रूहानी बातें जीवन नूरानी बना दिया

महादेव मेरे कैसे करूं तेरा शुक्रिया

तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया,

दीनानाथ मेरे कैसे करूं तेरा शुक्रिया

तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया

जलाधार से प्रसाद से हाथ जोड़े भाव से

करूं मैं तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया

महादेव मेरे

भोलेनाथ मेरे

शंभूनाथ मेरे

दीनानाथ मेरे

तेरा शुक्रिया तेरा शुक्रिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।