पार्वती तेरा भोला

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

पार्वती तेरा भोला,

जगत में सबसे निराला है ।

पार्वती तेरा भोला,

जगत में सबसे निराला है ।

जो मै होती गंगा जैसी,

जो मै होती गंगा जैसी,

जटा में जाय समाती ।

पती तो तेरा सबसे निराला है ।

पार्वती तेरा भोला,

जगत में सबसे निराला है.....

जो मै होती चंदा जैसी,

जो मै होती चंदा जैसी,

माथे पे जाय समाती ।

पति तो तेरा सबसे निराला है ।

पार्वती तेरा भोला,

जगत में सबसे निराला है....

जो मै होती सर्पो जैसी,

जो मै होती सर्पो जैसी,

गले में जाय समाती ।

पति तो तेरा सबसे निराला है ।

पार्वती तेरा भोला,

जगत में सबसे निराला है....

जो मै होती डमरू जैसी,

जो मै होती डमरू जैसी,

हाथों में जाय समाती।

पति तो तेरा सबसे निराला है।

पार्वती तेरा भोला,

जगत में सबसे निराला है....

जो मै होती गौरा जैसी,

जो मै होती गौरा जैसी,

बगल में जाय समाती।

पति तो तेरा सबसे निराला है।

पार्वती तेरा भोला,

जगत में सबसे निराला है.....

जो मै होती गणपति जैसी,

जो मै होती गणपति जैसी,

गोदी में जाय समाती ।

पति तो तेरा सबसे निराला है ।

पार्वती तेरा भोला,

जगत में सबसे निराला है....

जो मै होती नंदी जैसी,

जो मै होती नंदी जैसी,

चरणों में जाय समाती ।

पति तो तेरा सबसे निराला है ।

पार्वती तेरा भोला,

जगत में सबसे निराला है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।