जिस दिल में आपकी याद रहे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जिस दिल में आपकी याद रहे

प्रभु दिल मेरा वह दिल करदो...-2

राही न सही मंजिल की तरफ

राही की तरफ मंजिल करदो....

मन में भी अनेक विकारों ने

डटकर के डेरा डाल लिया -2

इस छल मन से यदि प्रेम है तो

जन का मन निर्मल करदो

जिस दिल में आपकी याद रहे

प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो.....

पाकर के आपकी भक्ति प्रभु

वह थे जो झूमते मस्ती में -2

करुणा करके राजेश को भी प्रभु

उन मस्तों में शामिल कर दो

जिस दिल में आपकी याद रहे

प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो....

रंगलो अपने रंग में मुझको

जिससे न कुसंग का रंग चढ़े -2

दुनिया के प्रेम में पागल हूँ

अपना करके पागल करदो

जिस दिल में आपकी याद रहे

प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।