मेरे श्याम सलोने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम सलोने नटवर को किसी की नजर ना लगे

माता यशोदे………

बंसी श्याम बजाते हैं, सब के मन को लुभाते हैं – 2

सुन के बंसी श्याम सलोने की भक्त दीवाने हो जाते हैं

बंसी को बजाना धीरे से भक्तों की नजर ना लगे

माता यशोदे……..

मेरे श्याम सलोने नटवर को किसी की नजर ना लगे

माता यशोदे………

होली के दिन आने लगे, श्याम भी खुशियाँ मनाने लगे -2

भर पिचकारी सखियों पर मारी, सखियाँ रंग उड़ाने लगी

सखी रंग उड़ाना धीरे से, माता को पता ना चले……..

माता यशोदे…………

मेरे श्याम सलोने नटवर को किसी की नजर ना लगे

माता यशोदे………

यमुना पर गउए चराते हैं, ग्वालों के मन को लुभाते हैं -2

देख के भक्त प्रेम तुम्हारा झूम झूमकर गाते हैं

भक्तों को दिखाना लीला प्रभु, गोकुल और ब्रज में चले

माता यशोदे……..

मेरे श्याम सलोने नटवर को किसी की नजर ना लगे

माता यशोदे………

गीता पाठ पढ़ाते हैं, अर्जुन को ज्ञान सीखाते हैं -2

देख के संगत प्रेम तुम्हारा नाच – नाचकर आते हैं

हमको भी नचाना संगत में पापों की घड़ी से बचें

माता यशोदे………..

मेरे श्याम सलोने नटवर को किसी की नजर ना लगे

माता यशोदे………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।