मेरे सांवरे अपनी दया का खजाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सांवरे अपनी दया का खजाना,

तुम्हे आज हमपे लुटाना पड़ेगा,

पड़ी जो मुसीबत तो तुम को पुकारा,

हमारी कसम तुमको आना पड़ेगा,

मेरे साँवरे अपनी दया का खजाना,

तुम्हे आज हमपे लुटाना पड़ेगा।।

भंवर में पड़ी है नैया हमारी,

कही दूर तक अब किनारा नहीं है,

बचालो कन्हैया आकर बचालो,

हमे अब किसी का सहारा नहीं है,

हमने सुना है के हम बेसहारो का,

कलयुग में तू ही सहारा बनेगा,

मेरे साँवरे अपनी दया का खजाना,

तुम्हे आज हमपे लुटाना पड़ेगा।।

ये माना के हम है गलतियों के पुतले,

मगर तुम दयालु हो ये जानते है,

तुम्हे अपने मालिक बंधू सखा और,

माता पिता भी तुम्हे मानते है,

अगर आंच हम पर जरा सी भी आई,

तुम्हारी दया पे जमाना हँसेगा,

मेरे साँवरे अपनी दया का खजाना,

तुम्हे आज हमपे लुटाना पड़ेगा।।

अगर ये है जिद तो जिद ही सही है,

हमारा क्या तुम पे ये हक भी नहीं है,

ना मानो बुरा इन बातो का दिलबर,

हम ने तो अपने दिल की कही है,

मेरी प्रीत साँची है साँची रहेगी,

‘संजू’ तुम्हे भी निभाना पड़ेगा,

मेरे साँवरे अपनी दया का खजाना,

तुम्हे आज हमपे लुटाना पड़ेगा।।

पड़ी जो मुसीबत तो तुम को पुकारा,

हमारी कसम तुमको आना पड़ेगा,

मेरे साँवरे.......मेरे साँवरे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।