बजरंगी नाचे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बजरंगी नाचे बजरंगी नाचे बजरंगी बजरंगी,

रामजी की निकली सवारी होकर के मनरंगी -2

बजरंगी नाचे बजरंगी नाचे बजरंगी बजरंगी……….

डोले में बैठे है राम लखन सिया घेरे भक्ति सत्संगी -2

बजरंगी नाचे बजरंगी नाचे बजरंगी बजरंगी……….

पूछी कली ने अब किस गली से जाते है राम राजा,

जाऊ बारी रस्ते में दारी बजरंग तोड़ के आजा -2

गदा घुमा के रंग जमा के मिटा भाग्य की तंगी,

बजरंगी नाचे बजरंगी नाचे बजरंगी बजरंगी…..

शहनाई गूंजे बजते है ढोल डीजे का शोर छाया,

चौदह बरस बिता के फिर राम राज्य -2

देखो जहा तक भीड़ चले सेना चले सतरंगी,

बजरंगी नाचे बजरंगी नाचे बजरंगी बजरंगी……

अम्बर है लाल उड़ता गुलाल,

भगवा ध्वजा है लेहरे,

तन है विशाल सिन्दूर डाल,

बजरंग जरा न ठहरे……….-2

डाली रंगोली हर आगाँ में है मनोहर नवरंगी,

बजरंगी नाचे बजरंगी नाचे बजरंगी बजरंगी…………

रामजी की निकली सवारी होकर के मनरंगी,

बजरंगी नाचे बजरंगी नाचे बजरंगी बजरंगी…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।