बालाजी का दवारा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

दुनियाँ में बस एक सहारा,

बालाजी का दवारा -2

वो ही आता सालासर जो,

बालाजी को प्यारा,

दुनियाँ में बस एक सहारा,

बालाजी का दवारा…..

शान निराली बालाजी की,

सालासर के अंदर,

चांदी की दीवार बनी हैं,

सोने का है मंदिर -2

भटके हुयो को राह दिखाता,

दर पे बुलाके तारा,

वो ही आता सालासर जो,

बालाजी को प्यारा,

दुनियाँ में बस एक सहारा,

बालाजी का दवारा.....

भक्तों की कतार लगी है,

लगते हैं जयकारे,

हार के जो आ जाए दर पे,

वो कभी ना हारे -2

राजस्थान में धाम बड़ा है,

अद्भुद बड़ा नज़ारा,

वो ही आता सालासर जो,

बालाजी को प्यारा,

दुनियाँ में बस एक सहारा,

बालाजी का दवारा......

मोहन दास महाराज की भक्ति,

से प्रसन्न हुए हैं,

कलियुग में डंका है बजता,

भक्त भी धन्य हुए हैं -2

मित्तल अपना सर्वश्व वार दे,

गर करे ये इशारा,

वो ही आता सालासर जो,

बालाजी को प्यारा,

दुनियाँ में बस एक सहारा,

बालाजी का दवारा………….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।