राधा की अदाएं ने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा री मुझको पागल बनाया इन निगाहो ने,

लुट लिया दिल तेरी अदाओं ने,

राधा री मुझको पागल बनाया इन निगाहो ने…………..

सुगल सलोने नैना तेरे चमके दीपक जैसे,

चंदा चमके जैसे चम चम बिंदिया चमके वैसे -2

राधा री तुझको केश दिए है घटाओ ने,

लुट लिया दिल तेरी अदायो ने,

राधा री मुझको पागल बनाया इन निगाहो ने…………..

करन फूल दोनों कानो के लेते जब हिचकोले,

देव लोक की परियो का दिल डग मग डग मग ढोले -2

राधा री इनको चंचलता दी है फिज़ाओ ने,

लुट लिया दिल तेरी अदायो ने,

राधा री मुझको पागल बनाया इन निगाहो ने………….

कहे अनाडी पतली कमरिया नागिन सी बल खाए,

चाल देख के हंस हंसनी मन अपने शरमाये -2

राधा री मौसम बदल दिया है हवाओ ने,

लुट लिया दिल तेरी अदायो ने,

राधा री मुझको पागल बनाया इन निगाहो ने……………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।