निर्धन का प्यार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाले साँवरे, आना मेरे गाँव रे -2

निर्धन का प्यार, कहीं भूल नहीं जाना रे,

तू ही मेरा यार है, मेरा दिलदार है,

निर्धन का प्यार, कहीं भूल नहीं जाना रे,

भूल नहीं जाना रे, भूल नहीं जाना रे,

निर्धन का प्यार, कहीं भूल नहीं जाना रे…………..

वादा दिया था, वादा निभाना,

श्याम साँवरे, भूल नहीं जाना -2

खाटू वाले साँवरे, आना मेरे गाँव रे,

निर्धन का प्यार, कहीं भूल नहीं जाना रे,

तू ही मेरा यार है, मेरा दिलदार है,

निर्धन का प्यार, कहीं भूल नहीं जाना रे,

भूल नहीं जाना रे, भूल नहीं जाना रे,

निर्धन का प्यार, कहीं भूल नहीं जाना रे………….

तू ही मेरी शान है, तू ही अरमान है,

तेरे नाम से ही, मेरी पहचान है -2

खाटू वाले साँवरे, आना मेरे गाँव रे,

निर्धन का प्यार, कहीं भूल नहीं जाना रे,

तू ही मेरा यार है, मेरा दिलदार है,

निर्धन का प्यार, कहीं भूल नहीं जाना रे,

भूल नहीं जाना रे, भूल नहीं जाना रे,

निर्धन का प्यार, कहीं भूल नहीं जाना रे…………..

तेरे सिवा बाबा कोई ना हमारा,

कहते हैं तुझको हारे का सहारा -2

खाटू वाले साँवरे, आना मेरे गाँव रे,

निर्धन का प्यार, कहीं भूल नहीं जाना रे,

तू ही मेरा यार है, मेरा दिलदार है,

निर्धन का प्यार,

कहीं भूल नहीं जाना रे,

भूल नहीं जाना रे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।