केवट कथा

पारंपरिक
श्री राम कथा राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु चरणन की महिमा न्यारी,

इन चरणन पे जाऊ बलिहारी।

धन्य में केवट भाग्य सराहू ,

जो जग के प्रतिपालक है,

आज सुअवसर मोहे मिला है,

मैं तर जाऊ इस जल से।

चरणामृत ये पीकर मैं

सुख जीवन में उतारू।

मैं केवट भाग्य सराहू.....

धन्य में केवट भाग्य सराहू,

मेरे प्रभु श्री राम को मैं,

गंगा पार कराऊ।

आज मैं आपका बना खवईया,

कल मेरे तुम बन जाना,

मैं तोहे गंगा पार कराऊ,

तुम भव पार कराना।

हे करुणामय दयानिधि,

बस इतना मैं चाहु।

मैं केवट भाग्य सराहू.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।