मुझे खाटू में ही बस जाने दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दरबार तेरा आया,

तब मुझे समझ आया,

कुछ भी नहीं दुनिया में,

सब कुछ हैं यहाँ माया,

मेरी तक़दीर संवर जाने दो,

मुझे खाटू में ही बस जाने दो -2

दरबार तेरा आया,

तब मुझे समझ आया।

सोचता हूँ कि बहाना कर दूँ,

दोस्तों को मैं रवाना कर दूँ,

तेरे दामन छिप के रह जाऊं,

मैं किसी को भी नज़र ना आऊं,

ज़िन्दगी भर तो यूँ ही भटका हूँ...-2

अपनी शरण में ही रहने दो,

मेरी तक़दीर संवर जाने दो,

मुझे खाटू में ही बस जाने दो.....

कभी तो आप इधर आओगे,

कभी तो मुझे नज़र आओगे,

मेरी नज़रों से बच ना पाओगे,

बिन मिले मुझसे रह ना पाओगे,

मैं सुदामा तो नहीं हूँ कान्हाँ...-2

अपने दास बन के रहने दो,

मेरी तक़दीर संवर जाने दो,

मुझे खाटू में ही बस जाने दो....

तेरे बिन अब तो रह ना पाऊंगा,

ना मिला तू तो मर ही जाऊँगा,

नटवर तू बड़ा दयालु है,

सुना है तू बड़ा कृपालु है,

मुझे पागल कहते हैं सब तो..-2

मुझे पागल ही बनके रहने दो,

मेरी तक़दीर संवर जाने दो,

मुझे खाटू में ही बस जाने दो,

दरबार तेरा आया,

तब मुझे समझ आया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।