अगर श्याम से मिलना है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अगर श्याम से मिलना है,

एक बात समझ लेना,

हारे का साथी है,

सदा हार के तू रहना।। -2

मीरा भी हारी थी,

गिरधर को पायी थी,

विष अमृत कर पाया,

मोहन को रिझाई थी,

नैनो में श्याम बसा,

विष पान किया करना...-2

हारे का साथी है,

सदा हार के तू रहना।।

नरसिहं जब हारा था,

सांवरिया आया था,

धर भेष सेठिये का,

क्या माल लुटाया था,

तारों से तार मिला,

मन पीड़ा सुना देना....-2

हारे का साथी है,

सदा हार के तू रहना।।

एक मित्र सुदामा था,

सर्वस्व अपना हारा,

इस मुरली मनोहर ने,

अपना सबकुछ वारा,

तू दिन हिन बनकर,

चरणों में रहा करना...-2

हारे का साथी है,

सदा हार के तू रहना।।

घनश्याम से प्रीत लगा,

देखो भक्त वत्सल हारे,

हारी हुई बाजी को,

श्री श्याम जीता डाले,

कहे श्याम बहादुर तू,

दर पे दे दे धरना....-2

हारे का साथी है,

सदा हार के तू रहना।।

अगर श्याम से मिलना है,

एक बात समझ लेना,

हारे का साथी है,

सदा हार के तू रहना।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।