साथी सबके श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये बस्ती श्याम दीवानों की,

यहाँ हार नहीं अरमानों की

साथी सबके श्याम हैं यहाँ,

करते सबके काम हैं यहाँ। -2

कलयुग के राजा का देखो,

आंगन ये अलबेला,

श्याम दीवानों का लगता है,

रोज यहां पर मेला -2

ये बस्ती शाम की बस्ती है,

यहाँ खुशियां रोज़ बरसती है -2

साथी सबके श्याम हैं यहाँ,

करते सबके काम हैं यहाँ।

मन के धागों से बांधों और,

श्याम से नाता जोड़ो,

श्याम के होकर जी लो,

दर दर ठोकर खाना छोड़ो -2

सुखचैन है श्याम की राहों में,

यहां भक्त है श्याम निगाहों में -2

साथी सबके श्याम हैं यहाँ,

करते सबके काम हैं यहाँ।

तेरे मंदिर में जलती है,

ज्योत भी गजब निराली,

चीर के हर अंधियारे गम के,

फैलाती खुशहाली -2

जहाँ धूल भी बरकत बन जाती,

किस्मत भक्तों की चमकाती -2

साथी सबके श्याम हैं यहाँ,

करते सबके काम हैं यहाँ।

ये बस्ती श्याम दीवानों की,

यहाँ हार नहीं अरमानों की,

साथी सबके श्याम हैं यहाँ,

करते सबके काम हैं यहाँ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।