बाबा ऐसी कृपा हो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा ऐसी कृपा हो,

मेरा जीवन सफल हो,

तेरे चरणों में बीते,

दिन ये और रात,

बनकर सेवक मैं तेरा,

करूँ निसदिन में सेवा,

मेरे सर पर,

सदा हो तेरा हाथ,

ओ श्याम, मेरे श्याम।

धूल तेरे चौखट की लेकर,

माथे तिलक लगाऊँ -2

असुवन की धारा से बाबा,

तेरे चरण पखारूँ,

रहूं मैं तेरा होके,

सारा सुध बुध मैं खोके,

नाम तेरा पुकारूँ मेरे श्याम,

बनकर सेवक मैं तेरा,

करूँ निसदिन मैं सेवा,

मेरे सर पर,

सदा हो तेरा हाथ,

ओ श्याम, मेरे श्याम।

मनमोहन मेरा श्याम सलौना,

निसदिन तुझको निहारूं -2

तेरी दया से ओ साँवरिया,

ऐसी कृपा मैं पाऊँ,

रहे जब तक ये प्राण,

करूँ तेरा ही ध्यान,

तेरी सेवा में बीते दिन रात,

बनकर सेवक मैं तेरा,

करूँ निसदिन मैं सेवा,

मेरे सर पर,

सदा हो तेरा हाथ,

ओ श्याम, मेरे श्याम।

भाव भजन ही पास हैं मेरे,

साथ जो मैं हूँ लाया -2

संजीव पुष्पों की वर्षा कर,

तुमको रिझाने आया,

नाचूं तेरे भवन,

होक तुझमे मगन,

सारा जीवन बीता दूँ तेरे नाम,

बनकर सेवक मैं तेरा,

करूँ निसदिन मैं सेवा,

मेरे सर पर,

सदा हो तेरा हाथ,

ओ श्याम, मेरे श्याम।

बाबा ऐसी कृपा हो,

मेरा जीवन सफल हो,

तेरे चरणों में बीते,

ये दिन और रात,

बनकर सेवक मैं तेरा,

करूँ निसदिन मैं सेवा,

मेरे सर पर,

सदा हो तेरा हाथ,

ओ श्याम, मेरे श्याम।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।