मईया कालो क्यों तेरो लाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तोहे पुछु एक सवाल,

मईया कालो क्यों तेरो लाल...

मईया कालो क्यों.... कालो क्यों.....

मोको कहत सारे ग्वाल.....

मैं कालो क्यों तेरो लाल।

तोहे पुछु एक सवाल,

मईया कालो क्यों तेरो लाल...

मोहे कालो कहत बुलावत है

सब ग्वालिन खीज चड़वात है -2

सब हस्त है ग्वाल और बाल,

मैं कालो क्यों तेरो लाल।

तोहे पुछु एक सवाल,

मईया कालो क्यों तेरो लाल...

बाब नन्द गोरो और तू गोरी

गोरी गोरी ग्वालिन की छोरी -2

मुख देख फुलावत गाल,

मैं कालो क्यों तेरो लाल।

तोहे पुछु एक सवाल,

मईया कालो क्यों तेरो लाल...

कालो ही कहे राधा बोले

मेरे कानो में जैसे विष घोले -2

मोहे आवई बहोत मलाल,

मैं कालो क्यों तेरो लाल।

तोहे पुछु एक सवाल,

मईया कालो क्यों तेरो लाल...

मैं तो सुन सुन कर ये हार गया

का करहीं है हम बतला मईया -2

सच बोलत है तेरो गोपाल,

मैं कालो क्यों तेरो लाल।

तोहे पुछु एक सवाल,

मईया कालो क्यों तेरो लाल...

मैं तो पुछु एक सवाल

मईया कालो क्यों तेरो लाल.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।