बस कुछ दिनो की बात है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू भी जायेंगें, दर्शन भी पायेँगे

बाबा के भजनों मे, फिर से रम जायेंगे

आने वाली ग्यारस की, फिर से वो रात है।

बस कुछ दिनों की बात है,

हाँ कुछ दिनों की बात है।

सूने पड़े चोराहों पर, फिर से रौनक आएगी,

फिर गूंजेंगे जयकारे, फिर से हवाएँ गायेंगी,

ज्योति भी जगेगी, महफ़िल भी सजेगी,

बैठेंगे दीवाने, ताली भी बजेगी

होने वाली बाबा से, फिर से मुलाकात है।

बस कुछ दिनों की बात है,

हाँ कुछ दिनों की बात है।

फिर से खिलेंगे सब चेहरे, फिर मुस्काने आएगी

फिर से हाल-ए -दिल कहकर, अँखियाँ नीर बहायेगी

अगुवाई भी होगी, सुनवाई भी होगी

तेरे सारे गमों की भरपाई भी होगी

होने वाली कृपा की फिर से बरसात है।

बस कुछ दिनों की बात है,

हाँ कुछ दिनों की बात है।

"रजनी" व्याकुल मनवा भी, फिर से राहत पायेगा

"सोनू" फिर से चौखट पे, अपना शीश झुकाएगा

उत्सव भी मनेगें, प्रेमी भी मिलेंगे

बाबा से रुबरु,बातें भी करेंगे

मिलने वाली भक्तों को फिर से सौगात है ।

बस कुछ दिनों की बात है,

हाँ कुछ दिनों की बात है।

खाटू भी जायेंगें, दर्शन भी पायेँगे

बाबा के भजनों मे, फिर से रम जायेंगे

आने वाली ग्यारस की फिर से वो रात है।

बस कुछ दिनों की बात है,

हाँ कुछ दिनों की बात है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।