सांवरा देखता होगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भलाई कर भला होगा,

बुराई कर बुरा होगा,

कोई देखे या ना देखे,

साँवरा देखता होगा,

भलाई कर भला होगा,

बुराई कर बुरा होगा।

किसी का भी भला करके,

नफ़ा नुक्सान मत गिनना -2

मदद करके गरीबों की,

कभी अभिमान मत करना,

ये दुनिया चार दिन की है,

फिर उसके बाद क्या होगा,

भलाई कर भला होगा,

बुराई कर बुरा होगा।

ज़माना व्यस्त है देखो,

दूसरों की बुराई में -2

नज़र आता नहीं की छेद,

है खुद की सुराही में,

तुझे खुद के गिरेबाँ में ही,

पहले झाँकना होगा,

भलाई कर भला होगा,

बुराई कर बुरा होगा।

अहम के आईने माधव,

जल्द ही टूट जाते हैं -2

मगर उस वक़्त के पीछे,

बहुत कुछ छुट जाते हैं,

संभल जा वक़्त के रहते,

बाद में वक़्त ना होगा

भलाई कर भला होगा,

बुराई कर बुरा होगा।

भलाई कर भला होगा,

बुराई कर बुरा होगा,

कोई देखे या ना देखे,

साँवरा देखता होगा,

भलाई कर भला होगा,

बुराई कर बुरा होगा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।