बंसी वाले को तुम याद करलो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बंसी वाले को तुम याद करलो

कष्ट पल में काटेंगे तुम्हारे

बंसी वाले को तुम याद करलो

बंसी वाले को तुम याद करलो

कष्ट पल में काटेंगे तुम्हारे -2

उसने कर दी

हाँ उसने कर दी

उसने कर दी नजर जब दया की

सारे कंकर बनेंगे सितारे -2

बंसी वाले को तुम याद करलो

जिसने पतझड़ बहारो में बदली

जिसने कांटो में फूल खिलाये

जिसने सर पे कई मुफ़लिसों के

ताज हीरे जड़ित है सजाये

तेरी झोली में

हाँ तेरी झोली में

तेरी झोली में तुम देख लेना

वो ही भर देंगे खुद चाँद तारे -2

बंसी वाले को तुम याद करलो

सौ कदम चल के वो थाम लेंगे

एक कदम कभी तुम बढ़ के देखो

वो लकीरे बदल देंगे तेरी

तुम भरोसा कभी कर दे देखो

तेरी कश्ती जो

हाँ तेरी कश्ती जो

तेरी कश्ती जो फंसी जो भंवर में

वो लगा देंगे पल में किनारे -2

बंसी वाले को तुम याद करलो

तुम छुपाओगे उस से भला क्या

कौन कैसा वो पहचानते है

किसकी मन की गठरिया में क्या है

बाख़बर है वो सब जानते है

वो नचाते है

हाँ वो नचाते है

वो नचाते है उंगली पे सबको

हम खिलौने क्या बस में हमारे -2

बंसी वाले को तुम याद करलो

कष्ट पल में काटेंगे तुम्हारे

उसने कर दी नजर जब दया की

सारे कंकर बनेंगे सितारे

बंसी वाले को तुम याद करलो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।