दर्शन की लगन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम रंग की ओढ़ चुनरिया श्याम से मिलने आयी

मन के इस मंदिर में मूरत श्याम की मैंने बसाई

ओ खाटू वाले तुझे सौ सौ नमन

चरणों में तेरे मन हुआ मगन

आयी दीवानी दर पे तेरे

दर्शन की सांवरे लगाई है लगन

ओ खाटू वाले तुझे सौ सौ नमन…………..

सुना है मैंने हर ग्यारस पे श्याम के दर जो आये

दाता मेरा श्याम सहारा हारे का बन जाए

श्रद्धा और विश्वास की ज्योति आकर कोई जगाये

दर्शन पाए श्याम के दर से जो मांगे वो पाए

करता है श्याम तेरा जो भी भजन

चरणों में तेरे मन हुआ मगन

आयी दीवानी दर पे तेरे

दर्शन की सांवरे लगाई है लगन

ओ खाटू वाले तुझे सौ सौ नमन…………..

हमने तो विश्वास का बंधन श्याम से बाँध लिया है

उसकी बिगड़ी बन गयी जिसने दामन थाम लिया है

श्याम तेरी भक्ति का मन से जसिने जाम पिया है

बेनामी का इस दुनिया में तुमने नाम किया है

आये जो सजनी के संग में साजन

चरणों में तेरे मन हुआ मगन

आयी दीवानी दर पे तेरे

दर्शन की सांवरे लगाई है लगन

ओ खाटू वाले तुझे सौ सौ नमन…………..

वो है किस्मत वाला जिसपे नज़र श्याम ने डाली

कृपा श्याम की हो तो घर में जगमग मने दिवाली

खाटू धाम चला आये तो भरते झोली खाली

मन मंदिर में बसी है मूरत श्याम की भोली भाली

खिलते देखे हैं मैंने उजड़े चमन

चरणों में तेरे मन हुआ मगन

आयी दीवानी दर पे तेरे

दर्शन की सांवरे लगाई है लगन

ओ खाटू वाले तुझे सौ सौ नमन…………..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।