जब गाय नही होगी गोपाल कहाँ होंगे

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जब गाय नही होगी, गोपाल कहाँ होंगे,

हम सब इस दुनिया मे, खुशहाल कहाँ होंगे॥

गौ माँ ने सिँघो पर, धरती ये धारी है,

भोले शिव शंकर की, नन्दी पे सवारी है,

नन्दी के बिना भोले, असवार कहाँ होंगे।

जब गाय नही होगी, गोपाल कहाँ होंगे॥

हम सब इस दुनिया मे......

गौ माता की महिमा, क्या तुमको बतलाऊं,

नही शक्ति है मुझमें, मे इसको लिख पाऊ,

जब माँ ही रहेगी ना, तो लाल कहाँ होंगे,

जब गाय नहीं होगी, गोपाल कहाँ होंगे॥

हम सब इस दुनिया मे......

मेरे कृष्ण कन्हियाँ भी, गऊ सेवा करते है।

गऊ सेवा करने से, गोविन्द कहाते है।

जब गाय रहेंगी ना, गोविन्द कहां होंगे॥

जब गाय नहीं होगी, गोपाल कहाँ होंगे॥

हम सब इस दुनिया मे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।