भोले शंकर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ऊँची ऊँची वादी में बसते हैं भोले शंकर

ऊँची ऊँची वादी में बसते हैं भोले शंकर

कैसी ये लागी मुझको तेरी लगन

गाऊं और झुमु होके तुझमें मगन

ऊँची ऊँची वादी में बसते हैं भोले शंकर

ऊँची ऊँची वादी में बसते हैं भोले शंकर

भोले भोले शंकर भोले भोले

भोले भोले शंकर भोले

रूद्ररूपा महादेवा त्रिकाल दर्शी शंकरा

रूद्ररूपा महादेवा त्रिकाल दर्शी शंकरा, शंकरा

कोसो कोसो दूर जहाँ भी देखूं

चारों तरफ यहाँ जोगी योगी और है साधू

ये झरने ये नदिया वर्फ की चादर ओढ़े

ख़ामोशी से रम जाते हैं तुझमें भोले

बैरागी सन्यासी सब जपते रहत हैं शिव शम्भु

ऐसा लगे ये तेरे ही है मेरे शम्भू

शरण में आपके तेरी भक्ति करे

संगीत बनके मेरे साथ चले

ऊँची ऊँची वादी में बसते हैं भोले शंकर

भोले भोले शंकर भोले

ऊँची ऊँची वादी में बसते हैं भोले शंकर

शम्भु

पर्वत पे बैठा मेरा भोला शंकर

मैं उसका दीवाना

भोलेनाथ का हूँ मैं दीवाना

भोलेनाथ का हूँ मैं दीवाना

झूठी ये दुनिया सारी

झूठा ये जमाना

भोलेनाथ का हूँ मैं दीवाना

भोलेनाथ का हूँ मैं दीवाना

कैसी ये लागी मुझको तेरी लगन

गाऊं और झुमु होके तुझमें मगन

शम्भू

ऊँची ऊँची वादी में बसते हैं भोले शंकर

ऊँची ऊँची वादी में बसते हैं भोले शंकर

भोले भोले शंकर भोले भोले

भोले भोले शंकर भोले

रूद्ररूपा महादेवा त्रिकाल दर्शी शंकरा

रूद्ररूपा महादेवा त्रिकाल दर्शी शंकरा, शंकरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।