जपले भोले‌ का‌ तु नाम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जपले भोले‌ का‌ तू नाम, बिगड़े बनते है सब काम,

लीला जग‌ में है न्यारी, लीला जग‌ में है न्यारी -2

रे मेरे भोले भंडारी,

जपले भोले‌ का‌ तु नाम, बिगड़े बनते है सब काम,

लीला जग‌ में है न्यारी।।

आदि योगी तेरा नाम, कैलाशो पर तेरा धाम,

जैसे केदार और काशी, जैसे केदार और काशी,

रे मेरे भोले भंडारी,

जपले भोले‌ का‌ तु नाम, बिगड़े बनते है सब काम,

लीला जग‌ में है न्यारी।।

तू तो कालो का है काल, दुनिया कहती है महाकाल,

तूने दुनिया है तारी, तूने दुनिया है तारी,

रे मेरे भोले भंडारी,

जपले भोले‌ का‌ तु नाम, बिगड़े बनते है सब काम,

लीला जग‌ में है न्यारी।।

तेरे शीशे पर चंदा रे, जहां से बहती है गंगा रे,

इनकी शोभा है प्यारी, जिनकी शोभा है प्यारी,

वो मेरे भोले भंडारी,

जपले भोले‌ का‌ तु नाम, बिगड़े बनते है सब काम,

लीला जग‌ में है न्यारी।।

तुझसे मांगू क्या मैं आज, बिगड़े संभाले तू सब काज,

जिससे बिगड़ी बन जाती, जिससे बिगड़ी बन जाती,

‘भगत’ की बिगड़ी बन जाती,

जपले भोले‌ का‌ तु नाम, बिगड़े बनते है सब काम,

लीला जग‌ में है न्यारी।।

जपले भोले‌ का‌ तू नाम, बिगड़े बनते है सब काम,

लीला जग‌ में है न्यारी, लीला जग‌ में है न्यारी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।