मेरे महाकाल

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तुम कालों के काल बाबा मेरे महाकाल...

दुनिया भी जाने तू हे कालों का काल

डरे तुझसे भी काल ओ मेरे महाकाल

तुम कालों के काल बाबा मेरे महाकाल......

दुनिया दीवानी है तेरी शान भी निराली है,

डरते नहीं भगत चाहे रात काली है -2

सारे नंदी साथ- साथ डमरू त्रिशूल एक हाथ,

सारे ही मस्ती में नाचे-नाचे महाकाल।

डरे तुझसे भी काल ओ मेरे महाकाल

तुम कालों के काल बाबा मेरे महाकाल......

जब तक सिर पर हाथ शंभू नाथ का,

डर किस बात का मैं बंदा महाकाल का -2

गले नीलकंठ है सिर पर त्रिपुंड है

तन पर बाघ अंबर और गले मुंड माल।

डरे तुझसे भी काल ओ मेरे महाकाल

तुम कालों के काल बाबा मेरे महाकाल......

कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय,

तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय...

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।