तेरी दीवानी जो ना होती

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

की मुझसे प्रीत कान्हा खोटी

कऊएं को खिलाई माखन रोटी -2

तेरी दीवानी जो ना होती

सारी उम्र वृह में ना रोती........ -2

उद्धार मौर का कर दिया

सिर मौर मुकट धर लिया -2

की मुझसे प्रेम लीला झूठी।

कऊएं को खिलाई माखन रोटी......

जैसे बंसी अधर लगाती तू

ऐसी मुझसे प्रीत निभाती तू -2

तर जाती चरण जो लगाई होती।

कऊएं को खिलाई माखन रोटी......

राधा रानी को दुलराया

तूने मुझे कन्हईया ठुकराया -2

मुझे समझ के दास छोटी।

कऊएं को खिलाई माखन रोटी......

की मुझसे प्रीत कान्हा खोटी

कऊएं को खिलाई माखन रोटी -2

तेरी दीवानी जो ना होती

सारी उम्र वृह में ना रोती..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।