मेरे मोहना बंसी तेरी वे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे राधे.....जय श्री राधे राधे.....

इक दिन मैं चुरा के ले जानी

मेरे मोहना बंसी तेरी वे......

ए जाान पई कढदी मेरी वे।

इक दिन मैं चुरा के ले जानी......

तू मेरे विच मैं तेरे विच ए विच किद्रो आयी

बंसी कारण तेरी मेरी होंदी रोज़ लड़ाई। -2

जींद जान दुखा ने गेरी वे....

ए जाान पई कढदी मेरी वे।

इक दिन मैं चुरा के ले जानी......

जादूगरनी बंसी तेरी जादू कर गयी मेनू

मैं दीवानी होइ मस्तानी मैं आखां पई तेनु -2

दस हूँन की मर्ज़ी तेरी वे....

ए जाान पई कढदी मेरी वे।

इक दिन मैं चुरा के ले जानी......

हर वेले ए बजदी रेहँदी पता नहीं की केहन्दी

राधा राधा कह के मेनू ताने देंदी रेहँदी -2

पाई दास दे वल भी फेरी वे....

ए जाान पई कढदी मेरी वे।

इक दिन मैं चुरा के ले जानी......

मेरे मोहना बंसी तेरी वे......

ए जाान पई कढदी मेरी वे।

इक दिन मैं चुरा के ले जानी............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।