राज्जी बोल जा गोरा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

राजी बोल जा……..2

भवानी प्यारी गोरा

हो राजी राजी बोल जा

मान मेरी कल्याणी प्यारी गोरा

हो राजी बोल जा………..2

तेरी हँसी के बिना , सुना कैलाश है

ये तो बता दें तेरा , मुख क्यों उदास है

बोल मीठी वाणी…….2

प्यारी गोरा

हो राजी बोल जा………..2

है म्हारी प्रीत पुरानी , ये सच्ची बात है

जब से ये दुनियाँ बनी , दोनों का साथ है

मेरे मन की रानी……...2

प्यारी गोरा

हो राजी बोल जा………..2

शिव शक्ति कहता तने , सारा संसार है

मैं कहता गोरा मेरी , तू ही आधार है

देवो ने भी मानी……...2

प्यारी गोरा

हो राजी बोल जा………..2

खुशबु बिखेर प्यारी , तू अपने प्यार की

तज दे जो मन में तेरे , बात तकरार की

भूलन ने पहचानी………...2

प्यारी गोरा

हो राजी बोल जा………..2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।