श्यामा वे बढ़िया रोनका

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

श्यामा वे बढ़िया रोनका लाईया आज कल भगता वे,

ओह देखो मेरे राम जी आये,

सीता जी नु नाल ली आये,

सीता देन बदइया आज कल भगता नु,

श्यामा वे....

ओह देखो मेरे शिव जी आये,

पारवती जी नु नाल ली आये,

पारवती देन बदइया आज कल भगता नु,

श्यामा वे....

ओह देखो मेरे विष्णु जी आये,

लष्मी जी नु नाल ली आये,

लष्मी देन बदइया आज कल भगता नु,

श्यामा वे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।