जोगी दे दीवाने

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जेहड़े जोगी दे दीवाने ने

ओहना दे पक्के निशाने ने....-3

जोगी दा है रूप निराला

दर्शन पाउ कोई कर्मा वाला-2

भोलेनाथ दे, सारे मरदाने ने

जेहड़े जोगी दे दीवाने ने

ओहना दे पक्के निशाने ने.....

जोगी मेरा भोला भाला

माँ रत्नो डा राजदुलारा -2

ओहनू वजदे ताने ने

जेहड़े जोगी दे दीवाने ने

ओहना दे पक्के निशाने ने.....

जोगी मेरा बड़ा मस्ताना

बॉबी सूफी होया दीवाना -2

बॉबी बग्गे दे देखो भरते खजाने ने

जेहड़े जोगी दे दीवाने ने

ओहना दे पक्के निशाने ने.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।