नहीं देखा तेरा दरबार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नहीं देखा तेरा दरबार धोलागढ़ वाली मैया

दर्शन को बड़ी बेकरार धोलागढ़ वाली मैया...

में रोज करू विचार ना होवे जाना ना होवे जाना -2

नहीं जानू मेरी मैया कहा पे है आना कहा पे है आना

नहीं देता कोई साथ धोलागढ़ वाली मैया...

मेने सबको कहते सुना है मैया के द्वारे,

जाए मैया के द्वारे जाए -2

उन पहाड़ो वाली माँ ने बुलावे भिजवाए, बुलावे भिजवाए

कभी फुर्सत मिले तो मैया संदेशा भिजवाना..

नहीं देता कोई साथ धोलागढ़ वाली मैया...

मेरे मन की यही एक आस मैया से मिलने की,मैया से मिलने की -2

नहीं मेरे कोई पास दिल की कहने की,दिल की कहने की -2

कभी मुझे बुलाओ मैया जरा बतियाना...

नहीं देता कोई साथ धोलागढ़ वाली मैया...

क्या मेरे लिए नहीं समय मैया जी मिलने का, मैया जी मिलने का -2

या फिर कोई बहाना बनाओ नहीं, मुझे आना नहीं है मुझे आना

बस एक अर्जी सुन जाना मुझे भी बुलवाना...

नहीं देता कोई साथ धोलागढ़ वाली मैया...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।